DNS Kya Hai? | और कैसे काम करता हैं जानिए हिंदी में – 2020 RIGHT

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DNS Kya Hai
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DNS Kya Hai और कैसे काम करता हैं ? : DNS (Domain Name System)Kya Hai? )और कैसे काम करता हैं हैल्लो दोस्तों स्वागत हैं आप सभी hindivstech के इस आर्टिकल में आज में आप सभी का, जैसा की हमने अपने पिछले आर्टिकल में मैंने आपको बताया था की domain name क्या हैं और कैसे काम करता हैं तो उसी से जुडे टॉपिक Dns (Domain Name system) के बारे में बात करने वाले हैं

जैसा की आप मैं और हम सभी जानते हैं की कंप्यूटर ह्यूमन लैंग्वेज हमारी भाषा को नहीं समझते हैं तो, इसी बात को लेकर सभी को डाउट रहता हैं की जब कंप्यूटर हमारी भाषा नहीं समझते हैं
तो जब हम उनको कहते हैं की google.com को ओपन करो तो वह उसे कैसे ओपन कर देता हैं क्योंकि हम तो domain name को लैंग्वेज इंग्लिश में लिखा हैं और जबकि कंप्यूटर तो सिर्फ 0101 की लैंग्वेज समझता हैं यह सबाल सभी के मन में रहता हैं
तो चलिए आज जान लेते हैं तो इसका जबाब बेहद आसान हैं की कंप्यूटर में हमारे द्वारा टाइप की गई साइट के डोमेन नाम को dns कंप्यूटर की भाषा यानि की ip एड्रेस में कन्वर्ट कर देता हैं और कंप्यूटर बिलकुल सही site को ओपन कर देता हैं तो चलिए domain name system (DNS) के बारे में विस्तार से जान लेते हैं |
Note : अगर आप ip address और डोमेन name के बारे में नहीं जानते हैं तो आपको यह पोस्ट बिलकुल भी समझ नहीं आएगी तो आप हमारी पिछली पोस्ट जरूर पढ़े अगर आपको ip और doamin के बारे कोई जानकारी नहीं हैं तो !

 

DNS Kya Hai?

DNS Kya Hai
DNS Kya Hai
Dns का पूरा नाम Domain Name System हैं और ह्यूमन रिडबल डोमेन नेम (जैसे की – www.google.com) को कंप्यूटर मशीन readable ip addresses (जैसे की : 172.217.163.11) में कन्वर्ट में करता हैं

How does DNS Work?

Dns कैसे काम करता हैं ऊपर आपको dns के कार्य प्रणाली का एक डाइग्राम दिखाई दे रहा होगा जिसमें आपको dns की कार्य प्रणाली थोड़ी बहुत समझ आ रही होगी |

 मान लीजिये की अपने browser में google.com को ओपन करने की रिक्वेस्ट की, तो यह रिक्वेस्ट डायरेक्ट google.com के server या database तक नहीं जाएगी, बल्कि यह रिक्वेस्ट सबसे पहले isp के द्वारा लगाए गए, dns system पर जाएगी
Dns सिस्टम इस रिक्वेस्ट को root सर्वर को भेजेगा, (root सर्वर वह सर्वर हैं जहाँ पर सभी डोमेन names की जानकारी स्टोर होती हैं और पूरे विश्व में कुल 13 root servers हैं ) और root सर्वर इस रिक्वेस्ट को चेक करेगा, और जैसे की google.com हैं उसे tld सर्वर को रेफेर कर देगा
TLD सर्वर में .Com और अन्य टॉप level डोमेन के रिकार्ड्स होते हैं tld सर्वर पर रिक्वेस्ट आने के बाद TLD सर्वर इस रिक्वेस्ट को autheritative सर्वर को भेजेगा
Autheritative सर्वर पर सभी डोमेन की ip उपलब्ध होती हैं यह google.com की ip को tld सर्वर को भेजेगा और tld सर्वर root सर्वर को भेजेगा और root सर्वर dns को और dns आपके कंप्यूटर को और फिर आपके कंप्यूटर के द्वारा उस ip में रिक्वेस्ट जाएगी और google.com ओपन हो जाएगी |

Dns सिस्टम दो प्रकार के होते हैं

  • Autheritative DNS
  • Recursive DNS 

Conclusion 

मुझे उम्मीद हैं की आपको आज की यह जानकारी जरूर पसंद आई होंगी, अगर आपको यह जानकारी पसंद आयी हो तो इसे शेयर जरूर करें और इसी तरह की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ | धन्यवाद!

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